अश्वनीकुमार को श्रद्धांजलि देने उमड़ा जनसैलाब, भारतीय सेना के जवानों का किया सम्मान,

अश्वनीकुमार को श्रद्धांजलि देने उमड़ा जनसैलाब


लटेरी—पुलवामा हमले में शहीद हुए मध्यप्रदेश के जबलपुर सिहोरा के जबान अश्वनीकुमार कुशवाह (कांछी) के गांव खुडावल से लटेरी के कुछ लोग जिनमे राममोहन शर्मा ,राजेश राजपूत प्राण रघुवंशी, बबलू रघुवंशी विक्रम राजपूत एवम संजय शर्मा उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे ।

वहीं से अश्विनी कुमार के घर की मिट्टी एवम उन्हें चिता की भस्म एक कलश में लेकर आये । उस कलश की यात्रा एवम सैनिकों के सम्मान कार्यक्रम में स्कूली बच्चों सहित नगर के सैकड़ो लोगो ने पुलवामा हमले में वलिदान हुये सैनिक अश्वनीकुमार को श्रद्धांजलि दी।


पूर्व सैनिकों का किया सम्मान—-नगर में निवास रत एवम वर्तमान में पदस्थ सैनिकों एवम उनके परिजनों का भी श्रदांजलि सभा मे शाल श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया । सभा की भूमिका में राम मोहन शर्मा ने अश्वनीकुमार के पारिवारिक पृष्ठभूमि को विस्तार से बताया एवम सैनिकों के शौर्य को बताया ।सैनिक सिकरवार ने सैनिकों के जजवे के बारे में बताया कि सेना में जब वार्डर पर होते है तो हमे कुछ याद नही रहता न घर न माता पिता न वीवी बच्चे याद रहता है तो सिर्फ अपनी मातृभूमि ओर उसका सम्मान ,कार्यक्रम को विधायक उमाकांत शर्मा ने संबोधित करते हुए उन्हें सलाम किया तथा सहीदो को श्रद्धांजलि अर्पित की ।रघु इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य आकाश शर्मा ने देश मे बैठे गद्दारो के बारे में बताया उन्होंने कहा कि पहले हमें देश के गद्दारो से लड़ना होगा ।


सैनिक अश्वनीकुमार के नाम का पौधा लगाने का किया संकल्प—-कार्यक्रम में लोगो ने 11 पौधे लगभग 25000 रुपये में अलग अलग कीमत के खरीदे ये 25000 रुपये अश्वनीकुमार के पिता के खाते में ट्रांसफर किये जायेंगे इन पौधों को शाहिद अश्वनीकुमार की स्मृति में लगाये जायेंगे जिन्होंने पौधे लिए उनमे विधायक उमाकांत शर्मा ,राममोहन शर्मा, सुनीता अग्रवाल ,अभय सक्सेना, अंशुल पाराशर, सत्यनारायण चौकसे,जाहिद खान रघु इंटरनेशनल स्कूल,मोहम्मद गनी खान ,मनमोहन अग्रवाल ,रामबाबू कुशवाह,आदि लोगो ने आम के पौधे खरीदे जिनकी देखरेख कर अश्वनीकुमार की याद में लगाएंगे ।


नाटक का हुआ मंचन— रघु इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों ने सेनिको के ऊपर से एक नाटक का मंचन देख बहां उपस्थित सभी के आंखों में आंसू भर आये ।

Satyanarayan Chouksey

Jay ho lateri